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प्रस्तावित मिथिला प्रांत के गोड्डा जिला के एक टा शक्तिपीठ के | প্রো-মৈথিল্স | "मिथिलाक गप्प मैथिली म"

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प्रस्तावित मिथिला प्रांत के गोड्डा जिला के एक टा शक्तिपीठ के । Written in south eastern maithili dialect, people of  Bhagalpur, Banka, Munger, Godda, Deoghar, Dumka, speaking this dialect. राजीव रंजन  (2अंक ) : माय योगिनी थान  मंदिर झारखंड में गोड्डा जिले के पथरगामा प्रखंड में स्थित छै जे की  गोड्डा केरो जिला मुख्यालय से मात्र 15 किलोमीटर के दूरी पर बारकोपा में स्थित छै । माय योगिनी केरो  प्राचीन मंदिर तंत्र साधकों के बीच बेहद लोकप्रिय रहलो छै आरो एकरो  इतिहास खुब्बे पुराना छै। ऐतिहासिक और धार्मिक ग्रंथों  के अनुसार मंदिर द्वापर युग के समय से छै आरो पांडव सिनी ने अपनो बनवास के बहुते समय यहाँ बितैलह सेहो छै एकरो चर्चा महाभारत में भी करलो गेलो छै  उ समय मैं  यह मंदिर  केरो दोसर नाम ‘गुप्त योगिनी’ के नाम से प्रसिद्ध रहे। धार्मिक ग्रंथो  के कहलो अनुसार महादेव जब अपनो अर्धांगिनी सती के अपमान से ग़ुस्साय क भगवान शिव जब हुनकरो जल्लो शरीर के लेकर तांडव करें लगलो छलै तब्बे भगवान विष्णु ने संसार के विध्वंश से बचावे खातिर आपनो सुदर्शन चक्र से म...

मैथिली सहित सब मातृभाषा केर संहारिणी हिन्दी दिवस केँ अशुभकामना

मैथिली सहित अनेको मातृभाषा के संहारिणी हिन्दी दिवस के अशुभकामना |  अभिनव आनंद (भागलपुर): जे रकम इस्लाम नऽ मध्यकालीन भारत मऽ ब्यापक धर्म परिबर्तन करी कऽ भारतीय जनसांख्यिकी बदली देलकै ओहिने रकम अनेको अंग-मिथिला बासी नऽ अपन्हो मातृभाषा मैथिली के छोरी के एकटा दोसरो भाषा हिन्दी अपनाय  कऽ सौंसे अंग-मिथिला आरूँ मैथिली के अपंग करी देल्कै |  आय मैथिली बोलय मऽ हीन भाब बुझाय छै लोक कऽ, एहनों समय केन्हे अएलय, मूल कारण छेकै हिन्दी l परिणामहो सामनाऽ मऽ छेकै, हमरो पिढ़ी के बुचा बुचि के ना मातृभाषा आबै छै आरु नै कुनो सम्मान छेकै मातृभाषा परति l  मातृभाषा नै बचतै तऽ समाजो नै बचतै,  धर्म परिबर्तन मुगलकाल जेहनो पुनराबिर्ति होए गेले l मैथिली हमरो माय,  बांग्ला, उड़िया, आसमिया हमरो मौसी,  हिन्दी एकटा ढुकपैठी,  हिन्दी दिबस एकटा काला दिबस l  अखनियो समय बच्लो छै, बुचा बुची के मातृभाषा सिखाबो आरू अपहनों  पहचान मैथिली के बचाबो | जय भारत, जय मैथिली