मैथिली सहित सब मातृभाषा केर संहारिणी हिन्दी दिवस केँ अशुभकामना

मैथिली सहित अनेको मातृभाषा के संहारिणी हिन्दी दिवस के अशुभकामना | 


अभिनव आनंद (भागलपुर): जे रकम इस्लाम नऽ मध्यकालीन भारत मऽ ब्यापक धर्म परिबर्तन करी कऽ भारतीय जनसांख्यिकी बदली देलकै ओहिने रकम अनेको अंग-मिथिला बासी नऽ अपन्हो मातृभाषा मैथिली के छोरी के एकटा दोसरो भाषा हिन्दी अपनाय  कऽ सौंसे अंग-मिथिला आरूँ मैथिली के अपंग करी देल्कै | 

आय मैथिली बोलय मऽ हीन भाब बुझाय छै लोक कऽ, एहनों समय केन्हे अएलय, मूल कारण छेकै हिन्दी l

परिणामहो सामनाऽ मऽ छेकै, हमरो पिढ़ी के बुचा बुचि के ना मातृभाषा आबै छै आरु नै कुनो सम्मान छेकै मातृभाषा परति l 

मातृभाषा नै बचतै तऽ समाजो नै बचतै, 
धर्म परिबर्तन मुगलकाल जेहनो पुनराबिर्ति होए गेले l

मैथिली हमरो माय, 
बांग्ला, उड़िया, आसमिया हमरो मौसी, 
हिन्दी एकटा ढुकपैठी, 
हिन्दी दिबस एकटा काला दिबस l 

अखनियो समय बच्लो छै, बुचा बुची के मातृभाषा सिखाबो आरू अपहनों  पहचान मैथिली के बचाबो |

जय भारत, जय मैथिली

Comments

Popular posts from this blog

Maithils are East Indian not North Indian

मैथिली फिल्म "लोटस ब्लूम्स" इंडियन पेनोरमा केर ऑफिसियल फिल्म मे चुनल गेल। गोवा केर नामी अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल मे हएत प्रदर्शित

चौरचन और तिज एछ मिथिला क' प्रमुख लोकपर्व म' स' एगो।